अहसास
गीली सीली सी रेत में छापते पांवों के छापों में अक्सर यूँ गुमां होता है तू मेरे साथ साथ चलता है..सुबह की पीली धूप जबमेरे गालों पर पड़ती है शांत समंदर की लहरेंजब पाँव मेरे धोती हैंउन उठती गिरती लहरों में अब भीमुझे अक्स तेरा दिखाई देता है.उस गोधुली की बेला...
[पूरी पोस्ट]
shikha varshney
62
4
0
4
25
[16 Mar 2010 10:20 AM]



Shuffle








