.......यादें स्कूल की जो आज भी ताजा हैं .......( यशवंत मेहता "फ़कीरा")

युग क्रांति हर विद्यार्थी को अपने विद्यालय से लगाव होता हैं और जब वो अपनी शिक्षा पूरी कर विद्यालय छोड़ता हैं तो यह लगाव प्रेम में बदल जाता हैं. वो शिक्षको की डांट-फटकार जिसके कारण विद्यार्थी जीवन में आसूं निकल आते थें वही डांट-फटकार मीठी लगने लगती हैं. दोस्तों के... [पूरी पोस्ट]
writer यशवन्त मेहता "फ़कीरा"

संस्मरण

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[16 Mar 2010 07:31 AM]

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