चमचा देय बनाय
चमचा देय बनाय चमचा जैसी भू जहाँ, चमचा देय बनाय।पंखाकार जिसे कहे, पंखे से धन जाय।।पंखे से धन जाय, जाय दूधिया जानवर।ना रहते पास पशु, कैसे पास रहते नर।।कह ‘वाणी’ कविराज, सब गया कुछ नहीं बचा ।देख जाने वाले, थाली कटोरी चमचा।। शब्दार्थ : चमचा = चम्मच/चापलूस...
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[15 Mar 2010 22:30 PM]



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