नवरात्रि प्रथम दिवस - फातिमा नावूत की कविता
आज चैत्र की नवरात्रि का प्रथम दिन है । आज प्रथम दिवस पर प्रस्तुत है मूल अरबी में लिखने वाली नील नदी के देश मिस्त्र की कवयित्री फातिमा नावूत की यह कविता । जब मैं कोई देवी बनूँगी मैं निर्वसन कर दूँगी ग्लोब को मानचित्र को धूल-धूसरितइतिहास की...
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शरद कोकास
कविता
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[15 Mar 2010 22:17 PM]



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