मित्र की कसौटी
पापा निवारयति योज्यते हिताय गुह्यं निगुह्यति च गुणानिम् प्रकटम करोति आपद गतं न च जहाति ददाति काले सन्नमित्र लक्ष्णंमिदं प्रवदन्ति संत:। अर्थ- पापा से बचाता है, हित के काम में लगाता है, छुपाने योग्य बात छुपाता है, गुण प्रकट करता है, विपत्ति के समय साथ...
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Satyajeetprakash
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[15 Mar 2010 16:41 PM]



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