१४११ बाघ बचे हैं आज और इतनी हायतौबा मचा रहे हो !... १५ साल बाद शायद १४ बेचारे_ _ _ भी न बचें हमारे सर्वोच्च सदन में...!!!
...मेरे नारी सशक्तिकरण चिंतक मित्रों,कभी-कभी मेरी तरह आपको भी नहीं लगता कि प्रबुद्ध वर्ग में मुद्दों पर बोलने, सोचने या चिंता जताने का भी एक फैशन सा होता है... जैसे कि कुछ साल पहले तक फैशन था ओजोन परत की चिंता करने का, अब यह बात दीगर है कि वायुमंडल की...
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प्रवीण शाह
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[15 Mar 2010 12:21 PM]



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