तुम

deehwara ____________________________तुम्हें कहकर विदा उस दिन हमारी भर गयी ऑंखेंकहीं भीतर कोई झरना बहाकर झर गयीं ऑंखेंन चाहा था कि तुमको दर्द अपने दिल का दिखलाऊँमगर ये हो नहीं पाया खुलासा कर गयीं ऑंखें.अज़ब सी बेकली है दिल को समझाया नहीं... [पूरी पोस्ट]
writer prkant
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[26 Feb 2010 11:54 AM]

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