अंतिम मुलाक़ात के दिन
----------------------------------उस अंतिम मुलाक़ात के दिनबादल छाये रहे आसमान में धूप रह-रहकर उतरी धनखेतों में,हवा डोलती फिरी उदास-सीउफन आयी नदी के तीर-तीर,फूल-फूल उठे कुशा के वनऊसर धूसर से दुधिया हुआ.उस...
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prkant
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[28 Feb 2010 12:20 PM]



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