शिमला: जैसा मैंने देखा
१.सुबह ------चीड के पेड़ों पर उतरी अनमनी अलसाई भोर नेमलते हुए आँखें खोलींऔर एक अजनबी को ताकते देखकुछ झिझकी , कुछ शरमाईफिर कोहरे का घूँघट काढ लिया.ठंड खाए सूरज ने खंखाराभोर कुछ और सिमटी .दो...
[पूरी पोस्ट]
prkant
25
0
0
0
0
[11 Mar 2010 13:10 PM]



Shuffle







