बेगुन का गुनग्राहक
कौन नहीं जानता कि जयराम रमेश नव पूंजीवाद और उदारीकरण के घनघोर समर्थक हैं। लेकिन बीटी बैगन के मामले में उन्होंने पर्यावरण मंत्री के नाते जो फैसला लिया, वह उनकी अपनी आर्थिक विचारधारा के उलट था। उनकी नजर इस बहस के सामाजिक पहलू को नहीं काट पाई और उन्होंने...
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श्वेता यादव
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[16 Feb 2010 04:59 AM]



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