जबलपुर में चिट्ठा चर्चा पर दोहे: ---'सलिल'
जबलपुर में चिट्ठा चर्चा पर दोहे: चिट्ठाकारों को 'सलिल', दे दोहा उपहार.
मना रहा- बदलाव का, हो चिट्ठा औज़ार.. नेह नरमदा से मिली, विहँस गोमती आज.
संस्कारधानी अवध, आया- हो शुभ काज.. 'डूबे जी' को निकाले, जो वह करे 'बवाल'.
किस लय में 'किसलय' रहे, पूछे कौन...
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दिव्य नर्मदा divya narmada
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[15 Mar 2010 00:02 AM]



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