खंजर दिल के आर-पार करता है

हँसते रहो   Hanste Raho आज कल ब्लॉगजगत में जो हो रहा है या जो चल रहा है…उसे देख-सुन और पढकर कर अनायास ही ये पंक्तियाँ दिल से निकल पड़ी… आप सबके साथ बांटना चाहूँगा…     कोई सामने से वार करता है कोई छुप के प्रहार करता है तोड़ के भरोसा मेरा हर कोई खंजर दिल के आर-पार करता... [पूरी पोस्ट]
writer राजीव तनेजा
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[14 Mar 2010 23:35 PM]

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