खंजर दिल के आर-पार करता है
आज कल ब्लॉगजगत में जो हो रहा है या जो चल रहा है…उसे देख-सुन और पढकर कर अनायास ही ये पंक्तियाँ दिल से निकल पड़ी… आप सबके साथ बांटना चाहूँगा… कोई सामने से वार करता है कोई छुप के प्रहार करता है तोड़ के भरोसा मेरा हर कोई खंजर दिल के आर-पार करता...
[पूरी पोस्ट]
राजीव तनेजा
39
3
0
3
13
[14 Mar 2010 23:35 PM]



Shuffle








