त्रासदी प्रेम की...कविता की

पाल ले इक रोग नादां जिंदगी के वास्ते... पुरानी डायरी के पुराने पन्नों को पलटना एच० जी० वेल्स के टाइम-मशीन सा ही चमत्कार दिखाता है...पीछे छूट गयी दुनिया में ले जाते हुये। कहीं रेनोल्ड, तो कहीं एड जेल, तो कहीं फाउंटेन पेन की बेतरतीब अटपटी लेखनी में तन्हा रातों को उकेरे गये शब्द कभी खुद को... [पूरी पोस्ट]
writer गौतम राजरिशी

कविता

views
45
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
25
[14 Mar 2010 21:30 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix