त्रासदी प्रेम की...कविता की
पुरानी डायरी के पुराने पन्नों को पलटना एच० जी० वेल्स के टाइम-मशीन सा ही चमत्कार दिखाता है...पीछे छूट गयी दुनिया में ले जाते हुये। कहीं रेनोल्ड, तो कहीं एड जेल, तो कहीं फाउंटेन पेन की बेतरतीब अटपटी लेखनी में तन्हा रातों को उकेरे गये शब्द कभी खुद को...
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गौतम राजरिशी
कविता
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[14 Mar 2010 21:30 PM]



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