आए दिन बहार के उर्फ पैरोडी-2009
अरविंद चतुर्वेदआए दिन बहार केशेयर बाजार केतेरे-मेरे प्यार के!वाह घोटाला-वाह घोटाला-वाह घोटालासत्यम असत्यम, असत्यम सत्यम जय मधु कोड़ासारी घास खा के निकल गया रेस का घोड़ापाकों में मूर्तियों पर सर्वधन स्वाहाबम विस्फोट, मारकाट, लाठीचार्ज आहाचलो चलो कपडे. उतार...
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अरविन्द चतुर्वेद
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[14 Mar 2010 12:16 PM]



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