सर्वशक्तिमान और शैतान-हिन्दी हास्य व्यंग्य कथा
सर्वशक्तिमान को यह अहसास होने लगा था कि संसार में उनका नाम स्मरण कम होता जा रहा था। दरअसल अदृश्य सर्वशक्तिमान सारे संसार पर अनूभूति से ही नियंत्रण करते रहे थे और लोगों की आवाज तभी उन तक पहुंचती थी जब उनके हृदय से निकली हो। अपनी अनुभूति के परीक्षण के लिये...
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दीपक भारतदीप
अभिव्यक्तिअनुभूतिसन्देशदीपक भारतदीप
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[13 Mar 2010 08:45 AM]



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