न जाने क्यों होता है ये जिंदगी के साथ...कि कुछ गीत कभी दिलो-जेहन से उतरते ही नहीं
ओल्ड इस गोल्ड शृंखला # 372/2010/72 लीग से हट के फ़िल्मों की बात करें तो ऐसी फ़िल्मों में बासु चटर्जी का योगदान उल्लेखनीय रहा है। मध्यम वर्गीय परिवारों की छोटी छोटी ख़ुशियों, तक़लीफ़ों और उनकी ज़िंदगियों को असरदार तरीके से प्रस्तुत करने में बासु चटर्जी और...
[पूरी पोस्ट]
सजीव सारथी
sujooi chatterjee
12
0
0
0
2
[13 Mar 2010 08:00 AM]



Shuffle








