गुलमोहर के दहकते फूल

Firdaus's Diary सुलगती दोपहरी में खिड़की से झांकते गुलमोहर के दहकते फूल कितने अपने से लगते हैं...बिल्कुलहथेलियों पर लिखे 'नाम' की तरह...-फ़िरदौस ख़ान... [पूरी पोस्ट]
writer फ़िरदौस ख़ान

नज़्म

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[13 Mar 2010 06:09 AM]

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