ड्यूटी जाने का मन नहीं करता है.....
ड्यूटी जाने का मन नहीं करता है.....जाड़े के दिनों में,गरम-गरम,गुलगुली-गुलगुली सी रजाई से निकल कर, ड्यूटी जाने का मन नहीं करता,मन करता है, मीठे-मीठे सपने देखने का, बीबी से लिपटकर.सुबह जब तैयार होती है बीबी,मुझे नाश्ता कराने के लिए,तो मन करता...
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कृष्ण मुरारी प्रसाद
कविता
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[02 Mar 2010 10:52 AM]



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