नीलामी में इनाम-हास्य कविता

 दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता आशिक जूझ रहा था क्रिकेट खिलाड़ी बनने के लिये तो माशुका भी खड़ी थी फिल्म अभिनेत्री बनने की पंक्ति में कई उसने साक्षात्कार भी दिये। बढ़ते जा रहे थे दोनों के कदम इश्क के साथ अपने लक्ष्य की तरफ भी सफलता के लिये। पर आशिक की चिंतायें बढ़ रही थी रौशन करना चाहता था... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

हिन्दीमनोरंजनमस्तीदीपक भारतदीप

views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[13 Mar 2010 01:02 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix