संत कबीर के दोहे-जहां विवाद होते हों, वहां न जायें
कबीर न तहां न जाइये, जहां जु नाना भाव।
लागे ही फल ढहि पड़े, वाजै कोई कुबाव।।
संत शिरोमणि कबीरदास का कहना है कि वह कभी न जायें जहां नाना प्रकार के भाव हों। ऐसे लोगों से संपर्क न कर रखें जिनका कोई एक मत नहीं है। उनके संपर्क से के दुष्प्रभाव से हवा के एक...
[पूरी पोस्ट]
दीपक भारतदीप
अभिव्यक्तिअनुभूतिअध्यात्मचिंतन
11
0
0
0
0
[12 Mar 2010 23:32 PM]



Shuffle







