अहसास

इयत्ता रतन क्या यही अहसास है?आप थे जब तक साथ मेरेएक संबल था और बल थाऔर था मां का भी आंचल आपसेहमने पाई तमाम खुशियांसाथ इस अहसास केकि पापा हैं साथ हमारेएक इस अहसास सेदमदार हो जाते थे हमसारी मुश्किल पल में आसानहोती थीं यह जानकरकि हैं पापा साथ मेरेक्या यही अहसास... [पूरी पोस्ट]
writer रतन

कविता

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[12 Mar 2010 19:38 PM]

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