इस्लाम की असलियत डच पेंटर के ब्रश से
अभी भी वक्त है मुसलिम आतंकवादियों के कुकर्मों को छुपाने के लिए गाली गलौच की भाषा का प्रयोग न करो।धर्म से हमारा कोई बासता नहीं लेकिन उन हिन्दूओं का तो ख्याल रखो जो हर वक्त मुसलिम आतंकवादियों का बचाब करने के लिए आपके साथ कड़े होते हैं और बदले में...
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HINDU TIGERS
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[12 Mar 2010 09:47 AM]



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