धरती का रस
एक राजा था। एक बार वह सैर करने के लिए अपने शहर से बाहर गया। लौटते समय देर हो गई तो वह विश्राम करने के लिये पास ही मौजूद एक बुढ़िया की झोपड़ी में ठहर गया। बुढ़िया राजा को साधारण पथिक समझी थी। राजा को प्यास लगी तो उसने बुढ़िया से कहा, “माई, प्यास लगी है,...
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अक्षत विचार
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[10 Mar 2010 01:02 AM]



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