मेहतर
जबकि सभी यह अच्छी तरह समझ गए थे कि बौद्धों के बाद भारत में ज्ञान-विज्ञान में कोई तरक्की हुई न आगे किसी भाँति संभावना है.तब से लेकर पिछले दो हज़ार नौ तक का सब नकल है.सदा की तरह यहाँ सबकुछ उधार या आयातित ही रहा आएगा.क़रीब क़रीब सारे ऐसे ही अंग्रेज़ीदां...
[पूरी पोस्ट]
शशिभूषण
छोटी कहानियाँ
27
3
0
3
1
[12 Mar 2010 02:09 AM]



Shuffle








