कौटिल्य दर्शन-कभी कभी उपेक्षासन भी करना चाहिए
निवातकवचान् हित्वा हिरण्यपुरवासिनः।उपेक्षयानमास्याय निजधान धनजयः।।हिन्दी में भावार्थ-महाभारत काल में अर्जुन ने हिरण्यपुर वासी जनों को छोड़कर उनकी उपेक्षा करते हुए निवातकवचों का संहार किया था। रिपूं वातस्य बलिनः संप्राप्याविश्कृतं...
[पूरी पोस्ट]
दीपक भारतदीप
संदेश
11
0
0
0
0
[11 Mar 2010 22:54 PM]



Shuffle







