‘‘फ्रिज’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)
बाबा जी का रेफ्रीजेटर, लाल रंग का बड़ा सलोना। किन्तु हमारा है छोटा सा, लगता जैसे एक खिलौना।। सब्जी, दूध, दही, मक्खन, फ्रिज में आरक्षित रहता। पानी रखो बर्फ जमाओ, मैं दादी-अम्माँ से कहता।। ठण्डी-ठण्डी आइस-क्रीम भी,इसमें है जम जाती।गर्मी के मौसम में कुल्फी,...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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[11 Mar 2010 20:59 PM]



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