ओम श्री भ्रष्ट्चारय नमः

जो छिपाए ना बने.... हरे नीले नोटों पर तुमने दिया वरदानतुम कुबेर के द्वार हो, तुम रतन धन खानतुम बिन भारतवर्ष में कहीं न गलती दालजय जय भ्रष्टाचार गुरू, जय जय भ्रष्ट कृपाल ॥॥जय भ्रष्टाचार महा महिमा ।जय दुर्नीति जय गुण गरिमा ॥तुम्हरे भजन सरकार को भावेमंत्री-संतरी सब गुण गावे... [पूरी पोस्ट]
writer Dr.Rakesh
views
22
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[11 Mar 2010 00:13 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix