ओम श्री भ्रष्ट्चारय नमः
हरे नीले नोटों पर तुमने दिया वरदानतुम कुबेर के द्वार हो, तुम रतन धन खानतुम बिन भारतवर्ष में कहीं न गलती दालजय जय भ्रष्टाचार गुरू, जय जय भ्रष्ट कृपाल ॥॥जय भ्रष्टाचार महा महिमा ।जय दुर्नीति जय गुण गरिमा ॥तुम्हरे भजन सरकार को भावेमंत्री-संतरी सब गुण गावे...
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Dr.Rakesh
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[11 Mar 2010 00:13 AM]



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