पता नहीं क्या....पर सबकुछ मेरा....

mahua चितचोर जैसा नाम...देखी....बूझी सी कुछ अच्छे सिनेमा की सनद जैसा....बिसारी सी बातें याद कराता...जाने कैसे जुझारु मन की गांठ खोलता....लाख कोशिश कर लो...बिना जाने बिन पहचाने एक लफ्ज़ बाहर नहीं निकालने का....बातें करना क्यों अच्छा लगता...कोई बुझा नहीं... [पूरी पोस्ट]
writer tanu sharma.joshi

मेरा...

views
16
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
5
[11 Mar 2010 07:36 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix