जननी जन्म भूमि स्वर्ग से महान .......(संघ की शाखाओं मैं गाये जाने वाले गीत-2)
जननी जन्म भूमि स्वर्ग से महानइसके वास्ते ये तन है मन है और प्राण हैइसके कण- कण मैं लिखा रामकृष्ण नाम हैहुतात्माओं के रुधिर से भूमि शस्य श्याम हैधर्म का ये धाम है सदा इसे प्रणाम हैस्वतंत्र है ये धरा स्वतंत्र आसमान है.....1इसकी आन पे अगर जो बात कोई आ...
[पूरी पोस्ट]
मिहिरभोज
26
5
1
4
4
[11 Mar 2010 03:06 AM]



Shuffle








