सपने गढ़े जाते हैं
सपने सच होते नहीं सपने गढ़े जाते हैं कुम्हार की मिट्टी की तरह । अनगढ़ मिट्टी में सपनों के बीज नहीं बोए जाते । जैसे कुम्हार पहले मिट्टी को तैयार करता है तब कल्पना का चक्र घुमाता है फिर उस पर मिट्टी का लोंदा रखकर हाथों की उंगलियों से मनचाहा रूप [...]...
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ramadwivedi
संवेदना की अनुभूतियsapane gadhe jate hai
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[10 Mar 2010 22:54 PM]



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