वह चीख चीखकर कहती है मै आज की नारी हूँ

नारी का कविता ब्लॉग वह आज की नारी हैहर बात मे पुरुष से उसकी बराबरी हैशिक्षित है कमाती हैखाना बनाने जेसेनिकृष्ट कामो मेवक़्त नहीं गवाँती हैघर कैसे चलाएबच्चे कब पैदा होपति को वही बताती हैक्योकि उसे अपनी माँ जैसा नहीं बनना थापति को सिर पर नहीं बिठाना थाउसे तो बहुत आगे जाना... [पूरी पोस्ट]
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[10 Mar 2010 22:28 PM]

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