अज्ञानता और अचिंतन का अन्धकार

भारत : तब से अब तक ईश्वर, धर्म, अद्यात्म, आदि, यदि हम इन शब्दों को वर्तमान में प्रचलित अर्थों में लें, मानवता में अचिंतन के सूत्रपात सिद्ध होते हैं. ये सभी शब्द भारत के प्राचीन वेदों और शास्त्रों में पाए जाते हैं किन्तु वहाँ इनके अर्थ वर्तमान में प्रचलित अर्थों से भिन्न... [पूरी पोस्ट]
writer देवसूफी राम कु० बंसल

भारतीय समाज

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[10 Mar 2010 21:41 PM]

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