बारूद के ढेर पर लोकतंत्र
डर किसे कहते हैं और असुरक्षा का माहौल क्या होता है, यह इस चुनाव के वक्त अफगानिस्तान में विदेशी पत्रकारों को हुआ। ये चीज तब और गहरी हो गई जब राष्ट्रपति हामिद करजई के ठिकाने पर हमला हुआ। नौ सालों तक अपनी पूरी ताकत झोकने के बाद भी अमेरिका से वहां के लोग...
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सैयद अब्बास
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[05 Sep 2009 08:21 AM]



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