यूं ही कभी !

बावरा मन कुछ पल दोस्ती के नाम यूं ही कभीइन बन्द आखों मेंआती है सामनेकुछ बीती यादेंकुछ जीये हुए पल;वो हंसना वो रोनाउठकर रातों कोबातें सुनानायाद है आताअब इन दिनों मेंजीकर जो गुजर गयाबीते हुए दिनों में;हर पल दिल मेंकसक सी उठती हैकाश होते पास वोजिनसे अब दूरी है;हर... [पूरी पोस्ट]
writer सुमन'मीत'

यादें

views
12
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[10 Mar 2010 09:20 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix