इंटरनेट हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है
आजादी के आंदोलन में लोकमान्य तिलक ने नारा दिया था कि स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है. और हम इसे लेकर रहेंगे. आजादी के बाद इस नारे में स्वराज शब्द को दायें बाये करके अनेक नारे बना दिये गये जो देश में राजनीतिक आंदोलनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए...
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संजय तिवारी
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[10 Mar 2010 13:44 PM]



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