कानूनी किताबों के बारे में

ज्ञानसिंधु कानूनी किताबों के बारे में जरा ऊंची देकर पटखनी दो तब कहीं जाकर कमाई होती है,कानूनी किताबों के भरोसे कमा खाना यहॉं असम्भव है। मुवक्किल ही तुम्हारा मुर्गा है और मुवक्किल ही तुम्हारी मुर्गी । तुम चाहो तो मुर्गा काट लो और तुम चाहो तो मुर्गी के अण्डे खाते रहो... [पूरी पोस्ट]
writer भगीरथ
views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
2
[10 Mar 2010 11:15 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix