चाहिए एक ख्वाब

इयत्ता रतनचाहिए एक ख्वाबहसीन हो जोसकून दे वोझरनों सी झर-झरबारिश सी झम-झमकलियों की चटकनपायल की छम-छमझांझर की झन-झनकंगन की खन-खनहवाओं की सर-सरफिजाओं की रौनकहो जिसमेंचाहिए एक ख्वाबबसे गुंजन मेंरहे तन-मन मेंनाचे आंगन मेंमहके उपवन मेंसुरमई शाम मेंहर एक काम मेंपीपल... [पूरी पोस्ट]
writer रतन

कविता

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[10 Mar 2010 09:33 AM]

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