दौड़ में जीना है और पछताते हुए मरना है

खामोशी..बहुत कुछ कहती है मेरे पास गाडी है, बंगला है, बैंक बैलेंस है... तुम्हारे पास क्या है?बहुत ही मशहूर फिल्मी डायलोग है ये, पर आज के युवाओं का बहुत बड़ा सत्य भी है. आज के युवाओं के पास ये सब कुछ है, गाडी भी है... बंगला भी और बैंक बैलेंस भी... पर अगर नहीं है तो आत्म-संतुष्टि.... [पूरी पोस्ट]
writer अभिषेक प्रसाद 'अवि'

कुछ खामोशियाँ

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[10 Mar 2010 06:23 AM]

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