व्यंग्यकार को विचारों से क्रांतिकारी भी होना चाहिए - प्रो. नंद चतुर्वेदी
होली व्यंग्य विशेषांक का विमोचन समारोह सम्पन्नउदयुपर 9 फरवरी। व्यंग्य लेखक को विचारों से क्रांन्तिकारी होना चाहिए तभी वह समाज एवं देश की विद्रूपताओं एवं विसंगतियों को साहित्य में अभिव्यक्त कर सकता है। आज अधिकतर व्यंग्य लेखक केवल राजनीति एवं राजनेता पर ही...
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mahaveer samata sandesh
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[10 Mar 2010 03:10 AM]



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