संत कवि पवन दीवान की हस्तलिखित कविता
भाई दीपक शर्मा जी हा पाछू महीना अपन गांव राजिम आये रहिस त छत्तीसगढ के जाने माने कवि संत पवन दीवान मेर आसिरबाद लेहे ल गे रिहिस । भाई के मया अउ परेम म संत कवि पवन दीवान जी हा तुरते अपन हाथ ले एकठन कबिता लिख के गुरतुर गोठ के असिरबाद बर दीस । ये कबिता ला हम...
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संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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[17 Sep 2008 03:23 AM]



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