अदा के लिये
सांसे जब तक धडकती रहे,नब्जो मे हो जब तक स्पन्दन,तुमको कलम और आवाजो कोथामना ही होगा.कैसे तुम कह सकती होशव्दो को अलविदा.संजीव तिवारी.........
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संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
अदा
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[03 Jan 2010 05:56 AM]



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