महिला दिवस : तुम्हे मुबारक ये दिवस
दिवस कहॉं सूर्य का आलोक हैभोग आरक्षण सम्मान की विलासितासब, तुम्हारे लियेमेरे लिये तो बस, जायों को पेट भर रोटीहिम्मत भर मेहनतदेह भर नेह इसी में सिमटामेरा सारा लोक हैनहीं कर सकती मैं तुम्हारा स्वागतआंखों में आंसूअंजुरी में फूल भर करतुम्हे मुबारक ये...
[पूरी पोस्ट]
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
महिला दिवस
16
0
0
0
0
[07 Mar 2010 20:32 PM]



Shuffle








