व्यंग-- बुढापे की चिन्ता समाप्त

Veer Bahuti व्यंग -- बुढापे की चिन्ता समाप्त आज कल मुझे अपने भविष्य की चिन्ता फिर से सताने लगी है। पहले 20 के बाद माँ बाप ने कहा अब जाओ ससुराल। हम आ गये। फिर 58 साल के हुये तो सरकार ने कहा अब जाओ अपने घर । हम फिर आ गये। फिर दामाद जी ने सोचा सासू मां अकेले मे हमे... [पूरी पोस्ट]
writer निर्मला कपिला

व्यंग

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[09 Mar 2010 21:39 PM]

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