भीख नहीं लेंगे!

यथार्थ मैं झाँसी स्टेशन पर उरई आने के लिए बैठी ट्रेन का इन्तजार कर रही थी की करीब आठ और दस वर्ष उम्र के दो बच्चे मेरे पास आए।उनमें से एक बोला - 'मैं आपके पैर दबा दूँ।'मैं कुछ समझी नहीं कि इन बच्चों का इरादा क्या है? मैंने उन्हें मना कर दिया तो थोडी दूर जाकर... [पूरी पोस्ट]
writer रेखा श्रीवास्तव
views
7
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[24 Oct 2008 04:15 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix