अपनी परम्पराओं का निर्वहण कोई मूर्खता नहीं अपितु बुद्धिमता का सूचक है..................
यहाँ उतरी भारत के सनातन हिन्दू परिवारों में नव संवंत के प्रथम दिन तिलों के तेल द्वारा मालिश करने और मिश्री, काली मिर्च और नीम के ताजे पत्तों के सेवन की एक वैदिक परम्परा अभी तक बनी हुई है। एक सनातनी परिवार में जन्म लेने के चलते हम भी अपने...
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पं.डी.के.शर्मा"वत्स"
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[09 Mar 2010 09:40 AM]



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