शहीद-ए-आजम भगत सिंह

नुक्कड़ शहीद-ए-आजम भगत सिंहभारत माता जब रोती थी, जंजीरों में बंध सोती थी .पराधीनता की कड़ियाँ थीं,जकड़ी बदन पर बेड़ियाँ थीं .देश आँसुओं में रोता था,ईस्ट इंडिया को ढ़ोता था .भारत का शोषण होता था,नैसर्गिक संपत्ति खोता था .दुर्दिन के दिन गिनता था,हर साल अकाल को... [पूरी पोस्ट]
writer kavi kulwant
views
10
upvote
1
downvote
0
rating
1
comments
2
[09 Mar 2010 03:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix