चाणक्य नीति-उत्तम पुरुषों को गलत बताने वाले कष्ट उठाते हैं

अमृत संदेश-पत्रिका दारिद्रयनाशनं दानं शीलं दुर्गतिनाशनम्। अज्ञाननाशिनी प्रज्ञा भावना भयनाशिनी।। हिंदी में भावार्थ-दान से दरिद्रता, शील भाव से दुर्भाग्य तथा निष्ठा से भय का नाश होता है। अन्यथा वेदपाण्डितयं शास्त्रमाचारमन्यतथा। अन्यथा कुवचः शान्तं लोकाः क्लिश्चन्ति... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

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[08 Mar 2010 22:45 PM]

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