हाले-दिल ना पूछो ............

संवेदना : एक एहसास हाले-दिल न पूछो , हमसे हमारा. छोडो भी, नहीं कामअब ये  तुम्हारा,हाले- दिल .............आदत  तुम्हारी है, सबसे निराली  लगती हमेशा हो, तुम भोली-भाली वो हसने-हँसाने की, आदत तुम्हारीलगती है मुझको, वो कितनीप्यारी लौटा लाओ... [पूरी पोस्ट]
writer saurabh
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[05 Mar 2010 14:38 PM]

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