मरीचिका
अपराजिता के जीवन का यह पहला अवसर था ,जब वह किसी बड़े नेता से मिलने आई थी .उनके ऑफिस में प्रवेश करते समय वह पूर्णतया सहमी हुई थी .मगर बचपन से ही उसमें आत्म-विश्वास कूट-कूटकर भरा था .ऑफिस के बाहर खड़े दरबान ने कहा ," मैडम, विधायक साहब से मिलना चाहती हो ?...
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अलका सैनी
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[22 Jan 2010 12:26 PM]



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