नारी -

bhawnayen नारी कोमल भी, नारी शक्ति भी,नारी इश्वर मे लीन भक्ति भी ।नारी बेटी, बहन, माँ और पत्नी का प्यार भी,नारी अपने में सिमटा पूरा संसार भी ॥बेटी बन, पिता की इज़्जत पर आँच ना आने दिया ।बहन बन, भाई के पास किसी बला को ना जाने दिया ॥पत्नी बन, पति का जीवन सँवार दिया... [पूरी पोस्ट]
writer dipayan
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[08 Mar 2010 13:56 PM]

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